National Security : बीजिंग, चीन (2024-25): अंतरराष्ट्रीय जासूसी की दुनिया में अक्सर गोलियां नहीं चलतीं, बल्कि दिमाग के शतरंज पर खेल खेले जाते हैं। यह कहानी है बीजिंग में स्थित पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी की, जहां भारत के खिलाफ एक ऐसी डिजिटल साजिश रची जा रही थी जो पूरे देश के टेलीकॉम सिस्टम को ठप कर सकती थी।
RAW National Security & China Pakistan Nexus
1. साजिश का केंद्र: नेपाल-भारत सीमा और वो खतरनाक मैलवेयर
China Pakistan Nexus : अक्सर हमें लगता है कि सीमा पर सिर्फ सैनिक लड़ते हैं, लेकिन असल खतरा डिजिटल होता है। पाकिस्तानी अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल सरमद खान, जो कि सिग्नल इंटेलिजेंस का एक्सपर्ट था, चीन इसलिए आया था ताकि वह एक ऐसा ‘मैलवेयर’ (Malware) विकसित कर सके जो नेपाल के रास्ते भारत के टेलीकम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर में घुसपैठ कर सके।
यह मैलवेयर एक ‘बगिंग सिस्टम’ की तरह काम करने वाला था, जिससे भारत की सेना और सरकार की गुप्त बातचीत को बीच में ही इंटरसेप्ट (Intercept) किया जा सके। सरमद इस मिशन के लिए ‘स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम’ का सहारा ले रहा था ताकि किसी को शक न हो।
2. मीरा राव: एक ‘इंटेलेक्चुअल’ का खतरनाक कवर | Meera Rao: The R&AW Operative who Outsmarted the PLA
National Security : इस पूरे ऑपरेशन की धुरी थीं मीरा राव। वह 2017 से सिंघुआ यूनिवर्सिटी में रहकर रिसर्च पेपर लिख रही थीं। उनकी पकड़ मैंडरिन (चीनी भाषा) पर इतनी मजबूत थी कि चीन के बड़े-बड़े सैन्य अधिकारी उनके लेक्चर्स से प्रभावित रहते थे।
यही वह प्रभाव था जिसने मीरा को नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी और कैंपस तक पहुंच दिलाई। उन्होंने वहां बैठकर चुपचाप सरमद खान की ‘प्रोफाइलिंग’ की। उन्होंने पाया कि सरमद को चीनी भाषा नहीं आती थी, जिसका फायदा उठाकर मीरा ने यूनिवर्सिटी स्टाफ से सरमद के असली प्रोजेक्ट की जानकारी निकाल ली।
3. मिखाइल कुरुिलन्को: एक तनावग्रस्त मोहरा || National Security
मीरा को अपनी योजना के लिए एक ‘हथियार’ की जरूरत थी और उन्हें वह मिला मिखाइल कुरुिलन्को के रूप में। मिखाइल रूस की सिग्नल इंटेलिजेंस से था, लेकिन वह अपनी पढ़ाई में पिछड़ रहा था। वह तनाव दूर करने के लिए जिम में बॉक्सिंग करता था और शराब पीता था।
मीरा ने उसके अतीत की गहराई में जाकर पता लगाया कि 1987 में अफगानिस्तान में उसके पिता (एक सोवियत पायलट) को मारने के पीछे पाकिस्तान की ISI का हाथ था। मीरा ने मनोवैज्ञानिक खेल शुरू किया। उन्होंने मिखाइल को बस इतना बताया कि उसके पास बैठा सरमद खान उसी पेशावर से है, जहां उसके पिता के हत्यारों के तार जुड़े थे। यह जानकर मिखाइल का चेहरा गुस्से से लाल हो जाता था।
4. चीन का ‘मिलिट्री बिजनेस’ और होटल कुलून | National Security & China Pakistan Nexus
China Pakistan Nexus : चीन के सैन्य अधिकारियों का बिजनेस मॉडल। बीजिंग का मशहूर होटल कुलून (Hotel Kunlun) एक रिटायर्ड PLA अधिकारी का है। डेंग शियाओपिंग के समय से ही चीन की सेना ड्रग ट्रैफिकिंग से लेकर ब्लैक मार्केट में तेल बेचने तक के धंधों में लिप्त है।
इसी होटल में सेमेस्टर के अंत में एक हाई-प्रोफाइल पार्टी रखी गई। मीरा ने मिखाइल को अंतिम बार उकसाते हुए कहा, “चाहे जो भी हो, अपने पिता के सम्मान के लिए आज की पार्टी में जरूर आना”।
5. वो आखिरी जाम और चीन का डर
पार्टी में मिखाइल ने अपनी पूरी शख्सियत बदल ली। वह जो कभी किसी से नहीं बोलता था, वह सरमद के पास गया, उससे हाथ मिलाया और उसे वाइन का ग्लास थमाया। सरमद ने बेफिक्री से वह जाम पी लिया।
अगले दो दिन जब सरमद कमरे से नहीं निकला, तो कमरा तोड़ा गया। सरमद की लाश बेड पर शांत पड़ी थी। पाकिस्तान ने हंगामा किया, लेकिन चीन ने तुरंत ‘कार्डियक अरेस्ट’ (दिल का दौरा) की रिपोर्ट जारी कर दी। चीन कभी नहीं चाहता था कि उसकी यूनिवर्सिटी में किसी विदेशी अधिकारी की हत्या का पर्दाफाश हो, क्योंकि इससे उसकी ‘डिप्लोमैटिक कैपिटल’ और भविष्य के सैन्य प्रोग्राम खतरे में पड़ जाते।
6. मिशन का अंत और मीरा का नया असाइनमेंट
सरमद खान की मौत के बाद वह मैलवेयर कभी नहीं बन पाया। भारत की संचार प्रणाली सुरक्षित रही। मीरा राव 2025 की शुरुआत में मॉरीशस चली गईं, जहां उन्होंने कुछ समय ‘कूलडाउन’ किया और फिर अपने अगले मिशन की तैयारी में जुट गईं।
निष्कर्ष: यह ऑपरेशन साबित करता है कि R&AW की ताकत सिर्फ तकनीक में नहीं, बल्कि इंसानी भावनाओं को समझने और उन्हें देश हित में इस्तेमाल करने में है। एक टूटा हुआ आदमी (मिखाइल) भारत का सबसे बड़ा हथियार बन गया।
#RAWSecrets #BeijingUndercover #IndianSpies #ChinaPakistanNexus #NationalSecurity #IntelligenceStrategy #MeeraRaoOperation #IndiaNepalBorderSecurity







